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खटीमा: शादी का घर था। शहनाइयों की आवाज़ होनी चाहिए थी। मेहमानों की चहल-पहल होनी चाहिए थी। लेकिन उत्तराखंड के खटीमा में एक शादी समारोह अचानक विवाद, अफरा-तफरी और मातम में बदल गया।
मामला जनपद उधम सिंह नगर के खटीमा स्थित इस्लामनगर का है। जानकारी के अनुसार, शादी के दौरान दहेज और मेहर की रकम को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। पहले कहासुनी हुई, फिर बहस बढ़ती चली गई।
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान दुल्हन के पिता की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी मृत्यु हो गई। एक पिता, जो अपनी बेटी की शादी की खुशियां देखना चाहता था, उसी समारोह में जिंदगी की जंग हार गया।
पिता की मौत की खबर से लड़की पक्ष में भारी आक्रोश फैल गया। आरोप है कि गुस्साए लोगों ने बारातियों को शादी स्थल पर ही रोक लिया और उनके साथ मारपीट की। हालात इतने बिगड़ गए कि कई बाराती अपनी जान बचाने के लिए मैरिज हॉल के पास स्थित मकान की छतों से कूदकर भाग निकले।
सोचिए, जिस बारात में लोग नाचते-गाते पहुंचते हैं, वहां से लोगों को छतों के रास्ते भागना पड़े। यह सिर्फ एक शादी में हुआ विवाद नहीं है, बल्कि उन सामाजिक बुराइयों पर भी सवाल है जो आज भी रिश्तों से बड़ी दिखाई देती हैं।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया गया। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है।
खटीमा के कोतवाल विजेंद्र शाह के अनुसार, फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था कायम है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर दी जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एक शादी, जो दो परिवारों को जोड़ने वाली थी, वह विवाद, हिंसा और एक मौत की वजह बन गई। सवाल यही है कि आखिर दहेज और पैसों के मुद्दे कब तक रिश्तों और इंसानी जिंदगियों पर भारी पड़ते रहेंगे?

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