Advertisement
ख़बर शेयर करें -

हल्द्वानी/रुद्रपुर। नानकमत्ता गुरुद्वारे के डेरा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की हत्या में एक पूर्व आईएएस समेत पांच लोगों के खिलाफ मुक़दमा दर्ज कर लिया गया है। इस हत्याकांड के खुलासे के लिए उत्तराखंड के तेज तर्रार पुलिस अफसरों को जिम्मेदारी सौपी गई है। डीजीपी अभिनव कुमार भी नानकमत्ता पहुंच गए है। उन्होंने दावा किया कि हत्याकांड का शीघ्र खुलासा कर लिया जाएगा, हत्यारे बहुत जल्द सलाखों के पीछे होंगे। इस मामले में गुरुद्वारे के सेवादार जसवीर सिंह ने बाबा तरसेम सिंह के हमलावर सर्वजीत सिंह पुत्र स्वरूप सिंह निवासी तरनतारन पंजाब और अमरजीत सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह निवासी सिहोरा बिलासपुर यूपी, घटना की साजिश में पूर्व आईएएस और गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष हरवंस चुघ, तराई सिख संघ के अध्यक्ष प्रीतम सिंह संधू निवासी खेमपुर गदरपुर और बाबा अनूप सिंह निवासी नवाबगंज के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करायी है। आज डीजीपी अभिनव कुमार नानकमत्ता पहुंचे। उन्होंने सिख संगत के साथ बैठक कर घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि दोनों हमलावर चिन्हित किए जा चुके हैं। घटना के पीछे क्या मोटिव रहा, इसका पता लगाकर जो अन्य लोग पीछे हैं उनकी भी गिरफ्तारी शीघ्र की जाएगी। डीजीपी ने कहा हमलावर शीघ्र गिरफ्तार होंगे, लेकिन घटना के खुलासे के लिए कोई समय सीमा नहीं निश्चित की गई है। प्रदेश के ऐसे तेज तर्रार अफसर जो ऊधमसिंह नगर में तैनात रह चुके हैं उन्हें ऊधमसिंह नगर में घटना के खुलासे के लिए लगाया गया है।

Comments

[gs-fb-comments]