
प्रशासन का बड़ा एक्शन, अतिरिक्त शस्त्र जमा कराए जाएं और नियमानुसार लाइसेंस निरस्त किए जाएं
देहरादून: उत्तराखण्ड शासन ने शस्त्र लाइसेंस धारकों के संबंध में सख्त कदम उठाते हुए जनपद देहरादून में 827 शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। इसमें 54 ऐसे शस्त्र धारक शामिल हैं, जिनके पास सरकार द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक शस्त्र पाए गए और 773 ऐसे शस्त्र धारक शामिल हैं जिन्होंने एनडीएएल-एएलआईएस पोर्टल पर यूआईएन (अद्वितीय पहचान संख्या) जनरेट नहीं कराया।
गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयुध (संशोधन) नियम 2019 के तहत 2019 में जारी अधिसूचना के अनुसार अब एक व्यक्ति अधिकतम दो शस्त्र रख सकता है, जबकि पहले यह सीमा तीन थी। उत्तराखण्ड शासन ने निर्देश दिए कि जो शस्त्रधारक इस सीमा का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ विशेष अभियान चलाकर अतिरिक्त शस्त्र जमा कराए जाएं और नियमानुसार लाइसेंस निरस्त किए जाएं।
जिला प्रशासन ने इस निर्देश के अनुपालन में 26 अप्रैल 2025 को उन सभी शस्त्रधारकों को नोटिस जारी किए थे, जिनके पास दो से अधिक शस्त्र पाए गए थे। लेकिन 54 शस्त्र धारकों ने कोई जवाब या तर्क नहीं दिया। परिणामस्वरूप, एनडीएएल-एएलआईएस पोर्टल पर इन 54 शस्त्रधारकों के नाम पर दो से अधिक शस्त्र अंकित पाए गए और उनके सभी शस्त्र व लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर पोर्टल से विलोपित कर दिए गए।
इसी तरह, एनडीएएल-एएलआईएस पोर्टल पर यूआईएन जनरेट न कराने वाले 773 शस्त्र धारकों के लाइसेंस भी निरस्त किए गए। उत्तराखण्ड शासन ने 03 सितम्बर 2025, 03 मई 2017 और 09 मार्च 2023 के शासनादेश के अनुसार स्पष्ट किया था कि 30 जून 2020 के बाद जिन शस्त्र लाइसेंस प्रकरणों में पोर्टल पर यूआईएन जनरेट नहीं हुआ है, उन्हें निरस्त किया जाएगा। इन धारकों को पुनः ऑनलाइन आवेदन कर नवीन लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया अपनानी होगी।
जिला प्रशासन ने मीडिया और प्रेस विज्ञप्तियों के माध्यम से लगातार शस्त्रधारकों को चेतावनी दी थी। बावजूद इसके, 773 लाइसेंसधारकों ने यूआईएन जनरेट नहीं कराया। इस सख्त कार्रवाई के साथ जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शासन के निर्देशों और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह कदम विशेष रूप से तब अहम माना जा रहा है जब राज्य में सुरक्षा और शस्त्र नियंत्रण को लेकर सख्ती की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। प्रशासन का कहना है कि ऐसे कार्यवाही से न केवल कानून का पालन सुनिश्चित होगा बल्कि आम जनता की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
