
मेयर गजराज सिंह बिष्ट का जीतकर दिखाएंगे दावा, पार्टी हाईकमान के सामने पुराने दावेदार बनाम नए प्रयोग की चुनौती
हल्द्वानी: राजनीति में बयान सिर्फ शब्द नहीं होते, वे इशारे होते हैं। हल्द्वानी के मेयर गजराज सिंह बिष्ट का ताज़ा बयान भी कुछ ऐसा ही है। उन्होंने कहा है कि अगर पार्टी हाईकमान ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में उन्हें कालाढूंगी से टिकट दिया, तो वे जीतकर दिखाएंगे। इस दिखा देंगे वाले भरोसे के पीछे सिर्फ आत्मविश्वास नहीं, वर्षों की दावेदारी और इंतज़ार भी छुपा है।
मेयर गजराज सिंह बिष्ट कहते हैं कि कालाढूंगी की जनता का समर्थन उन्हें हमेशा मिला है। उनका दावा है कि वे कोई नए दावेदार नहीं हैं। वर्ष 2007 से लगातार इस सीट से टिकट की मांग करते आ रहे हैं और क्षेत्र के लोगों के संपर्क में बने हुए हैं। पार्टी का फैसला चाहे जो रहा हो, उन्होंने हर बार उसे स्वीकार किया और जिस उम्मीदवार को टिकट मिला, उसके लिए काम किया।
लेकिन राजनीति में याददाश्त लंबी होती है। पिछला विधानसभा चुनाव इसका उदाहरण है। तब भी गजराज बिष्ट टिकट की दौड़ में थे। बात इतनी आगे बढ़ी कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं को खुद उनके घर जाकर मनाना पड़ा। सवाल उठता है क्या इस बार भी वही तस्वीर दोहराई जाएगी या पार्टी नेतृत्व कोई नया अध्याय लिखेगा? कालाढूंगी विधानसभा सीट का इतिहास भाजपा के लिए किसी सुरक्षित तिजोरी से कम नहीं रहा है। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद की इस सीट पर वर्ष 2000 के बाद से, खासकर परिसीमन के बाद, भाजपा का दबदबा कायम रहा है। 2007 के बाद लगातार बंशीधर भगत यहां से जीतते रहे।
2012, 2017 और 2022 तीनों चुनावों में यह सीट भाजपा के खाते में गई। 2012 और 2017 में बंशीधर भगत ने जीत दर्ज की और कालाढूंगी भाजपा का गढ़ कहलाने लगी। ऐसे में सवाल सिर्फ जीत-हार का नहीं है, सवाल दावेदारी का है। क्या पार्टी अपने पुराने और भरोसेमंद चेहरे को मौका देगी या गढ़ की राजनीति में कोई नया प्रयोग करेगी? गजराज सिंह बिष्ट को पूरा भरोसा है कि इस बार टिकट उन्हें ही मिलेगा। राजनीति में भरोसा ज़रूरी होता है, लेकिन फैसला हमेशा भरोसे से नहीं, रणनीति से होता है। कालाढूंगी की जनता देख रही है, पार्टी नेतृत्व सोच रहा है और सियासी गलियारों में हलचल तेज़ है। टिकट की राजनीति में अगला कदम क्या होगा इसका जवाब अभी भविष्य के पन्नों में दर्ज होना बाकी है।
