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पांच विभागों की टीमों ने नाटकों के जरिए संस्कृति, नैतिक मूल्यों और समकालीन चुनौतियों को किया प्रस्तुत

भीमताल। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के भीमताल परिसर में पहली बार आयोजित नाट्यकम-2026 में विद्यार्थियों ने रंगमंच के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया। विश्वविद्यालय के वर्ड व्हिम्स क्लब ने भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस) सेल के सहयोग से अंतर-विभागीय नाट्य प्रतियोगिता आयोजित की। ओपन-एयर थिएटर में आयोजित प्रतियोगिता में पांच विभागों की टीमों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को संस्कृति, नैतिकता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर सोचने के लिए प्रेरित किया।
प्रतियोगिता का उद्देश्य भारतीय ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक शिक्षा एवं दैनिक जीवन से जोड़ना था। विद्यार्थियों ने नाटकों के माध्यम से संदेश दिया कि परंपरागत भारतीय ज्ञान आज की सामाजिक, वैज्ञानिक, नैतिक और पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में भी प्रासंगिक है।
स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग की टीम ने गुरुकुल से डिजिटल इंडिया नाटक के जरिए शिक्षा के बदलते स्वरूप और गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को दर्शाया। कॉलेज ऑफ नर्सिंग की टीम ने महाभारत की द्रौपदी के चरित्र को वर्तमान कार्यस्थलों पर महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों से जोड़ते हुए साहस, आत्मसम्मान और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश दिया।
कॉलेज ऑफ फार्मेसी की प्रस्तुति में ईमानदारी, करुणा और नैतिक मूल्यों को प्रमुखता दी गई। स्कूल ऑफ मैनेजमेंट की टीम ने न्यायालयीन रहस्य कथा के माध्यम से भारतीय ज्ञान प्रणाली और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने का संदेश दिया। वहीं, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की प्रस्तुति में सहानुभूति, टीम भावना और मानवीय संवेदनाओं को सांस्कृतिक भिन्नताओं के बीच आपसी जुड़ाव का आधार बताया गया।
इस अवसर पर भारतीय ज्ञान प्रणाली केंद्र के प्रमुख डॉ. अरुण प्रताप सिंह राठौड़ ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली की प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। वास्तविक सफलता केवल पुरस्कार जीतने में नहीं, बल्कि पूरे समर्पण के साथ भाग लेने, निरंतर मेहनत करने और नए लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के प्रयास में निहित है।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा के माध्यम से समाज को सकारात्मक संदेश देने के लिए प्रेरित किया। आयोजन के दौरान विद्यार्थियों को रचनात्मकता, संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता, समय प्रबंधन और टीम वर्क जैसे गुणों को विकसित करने का अवसर मिला।
प्रतियोगिता के समापन पर आयोजित सम्मान समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। बीबीए के प्रियांशु को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, कॉलेज ऑफ नर्सिंग की राशि को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और बीटेक की नेहरिका को सर्वश्रेष्ठ नाटक निर्देशक का पुरस्कार दिया गया। प्रतियोगिता में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट की टीम ने विजेता का खिताब हासिल किया।
भीमताल परिसर के निदेशक ने विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए वर्ड व्हिम्स क्लब के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने भारतीय ज्ञान प्रणाली को रंगमंच से जोड़ने की पहल को परिसर की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। साथ ही वर्ष 2026 में प्रवेश लेने वाले प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और उत्साह की प्रशंसा की।
नाट्यकम-2026 ने यह संदेश दिया कि रंगमंच मनोरंजन के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम भी है।

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