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उत्तराखंड में मुख्यमंत्री धामी के पक्ष में स्पष्ट संदेश, अमित शाह के दौरे से सियासी हवा बदलने की संभावना

राजेश सरकार
देहरादून: उत्तराखंड की राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से मुख्यमंत्री बदलने की चर्चाओं ने आमजन के बीच हलचल मचा रखी थी। विपक्ष और पार्टी के कुछ भीतरू विरोधी समय-समय पर इस बात को हवा देते रहे। लेकिन आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हरिद्वार दौरे ने साफ कर दिया कि ये चर्चाएं हवा में ही थीं।
हरिद्वार में धामी सरकार के 4 साल बेमिसाल कार्यक्रम में जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक मंच पर आए, तो उनकी आपसी बॉन्डिंग ने साफ संदेश दिया कि मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई जल्दी हलचल नहीं करेगा। अमित शाह ने धामी सरकार की उपलब्धियों की जमकर तारीफ की और उनके नेतृत्व को स्थायित्व देने वाला राजनीतिक सन्देश दिया।
अमित शाह ने कहा कि धामी सरकार ने उत्तराखंड में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाया है। पहले यहां नौकरी पाने के लिए रिश्वत और पर्ची की आदत आम थी, लेकिन अब जनता को बिना किसी दबाव और सिफारिश के नौकरी मिल रही है। उन्होंने दलित छात्रवृत्ति घोटाले जैसी पिछली सरकारों की आलोचना की और बताया कि धामी सरकार ने नकल विरोधी कानून लागू कर शिक्षा और सरकारी नौकरी दोनों में पारदर्शिता लाई।
केंद्रीय मंत्री ने उत्तराखंड में लागू किए गए यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कानून उत्तराखंड को देश में पहला राज्य बनाता है, जो जनसांख्यिकी में अप्राकृतिक वृद्धि को रोकने में मदद करेगा। अमित शाह ने धामी सरकार की इस पहल को जनहितकारी बताया और मुख्यमंत्री को बधाई दी।
इस अवसर पर अमित शाह ने सैकड़ों करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। इसमें भूमि कानून में सुधार, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत 16 पौराणिक मंदिरों का जीर्णोद्धार, महिलाओं के लिए लखपति दीदी योजना और देहरादून में एआई आधारित ट्रैफिक सिस्टम की मंजूरी शामिल है।
विश्लेषकों का मानना है कि अमित शाह की यह स्पष्ट समर्थन से मुख्यमंत्री धामी की कुर्सी 2027 तक मजबूत होगी। यह दौरा न सिर्फ धामी के विरोधियों के लिए चेतावनी था, बल्कि आम जनता के सामने भी यह संदेश गया कि उत्तराखंड में स्थिर नेतृत्व जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री धामी 23 मार्च को अपने दूसरे कार्यकाल के चार साल पूरे कर रहे हैं, और इन चार सालों में किए गए कामों ने उनके प्रशासन को मजबूत आधार दिया है। चाहे वह भ्रष्टाचार मुक्त शासन हो, महिलाओं और युवाओं के लिए योजनाएं हों, या पारदर्शिता और कानून का शासन, धामी सरकार ने अपने चार सालों में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं।

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