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एआरटीओ प्रवर्तन को किया सीएम ने निलंबित

42 सीटर बस में थे 60 यात्री सवाल

अल्मोड़ा। नैनी डांडा से रामनगर आ रही जीएमऔ की बस आज सुबह जनपद अल्मोड़ा के मर्चुला के पास गहरी खाई में गिर कर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में अभी तक 38 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 22 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए है। आंकड़े बता रहे है कि अभी मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को ऋषिकेश के एम्स के लिए एयरलिफ्ट किया गया है,
18 घायलों को रामनगर अस्पताल व 3 घायलों को हल्द्वानी के डॉ सुशीला तिवारी चिकित्सालय भेजा गया है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नैनी डांडा से रामनगर जा रही जीएमऔ की बस आज सुबह जनपद अल्मोड़ा के मर्चुला के पास गीत जागीर नदी के किनारे अनियन्त्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। बस के खाई में गिरते ही चीख पुकार मच गई। बस से छिटके यात्रियों ने इस घटना की सूचना आस पास के लोगों को दी। तब जाकर सल्ट, अल्मोड़ा पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटना स्थल पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम नें रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
आपदा प्रबंधन अधिकारी अल्मोड़ा विनीत पाल ने बताया कि 38 यात्रियों की मौत हो चुकी है। मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। टीम रेस्क्यू में जुटी है।

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42 सीटर बस में 60 लोग सवार

हादसे का शिकार हुई गढ़वाल मोटर्स आनर्स (जीएमऔ) की 42 सीटर बस में 60 से अधिक यात्री सवार थे। हादसे के बाद कुछ यात्री बस से छिटक कर बाहर आ गिरे, जिन्होंने घटना की सूचना लोगों से साझा की।
यहाँ सवाल य़ह उठता है कि जब बस में 40 यात्रियों के बैठने की सुविधा थी तो कंडक्टर ने 60 लोगों को क्यों बस में सवार होने दिया, वहीं दूसरी तरफ आरटीओ विभाग के फ्लाइंग दस्ते की नजर इस तरह के सवारी ढोने वाले वाहनों पर क्यों नहीं पड़ती।

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सीएम धामी ने किया एआरटीओ प्रवर्तन को निलंबित

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी और अल्मोड़ा जिले के एआरटीओ प्रवर्तन अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि घटना में कोई भी लापरवाही हुई हो तो उस पर कार्रवाई की जा सके।

मृतकों को अनुग्रहीत राशि की घोषणा

मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को राहत देने के लिए 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है, जबकि घायलों को 1-1 लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस हादसे की पूरी तरह से जांच करायी जायेगी, जिससे भविष्य में इसकी ऐसे हादसे न हों। इसके लिए कुमाऊं मंडल के आयुक्त को इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच करने के आदेश दिए गए हैं।

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