Advertisement
Advertisement
ख़बर शेयर करें -

आरोपी अब्दुल मोईद ने कोर्ट में एक अतिरिक्त शपथ पत्र पेश किया, राहत नहीं

नैनीताल: हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में हुई हिंसा के आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ ने आरोपियों को फिलहाल कोई राहत नहीं दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार से आरोपियों के प्रार्थना पत्र पर आपत्ति दर्ज करने को कहा और मामले की अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद तय की।

सुनवाई के दौरान आरोपी अब्दुल मोईद ने कोर्ट में एक अतिरिक्त शपथ पत्र पेश किया, जिसमें उसने दावा किया कि वह हिंसा के समय घटनास्थल पर मौजूद नहीं था। उसने अपने पक्ष में कुछ साक्ष्य और बयान भी पेश किए, जिसे सरकार को जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया।

यह भी पढ़ें 👉  नाबालिग बच्चियों की सकुशल बरामदगी को लेकर कांग्रेस ने एसएसपी को सौंपा ज्ञापन

अब्दुल मलिक की जमानत याचिका पर भी सुनवाई की गई। याचिकाकर्ता का कहना था कि उसे बेवजह इस मामले में शामिल किया जा रहा है और इसलिए उसे जमानत पर रिहा किया जाए। कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि जिन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार हो चुकी है, उन्हें कोर्ट में पेश किया जाए।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड की जेलें: कैदी घटे,भीड़ नहीं

बता दें कि 8 फरवरी 2024 को हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में अतिक्रमण हटाने गई पुलिस और प्रशासन की टीम पर उपद्रवियों ने पथराव किया, जिससे हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान आगजनी, फायरिंग और थाने को जलाने की घटनाएं भी हुई थीं। हिंसा में कुछ लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हो गए थे।

पुलिस ने अब्दुल मलिक, अब्दुल मोईद सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इन आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई जारी है।

Advertisement
Ad

Comments

[gs-fb-comments]