

टैक्स वसूली में कोताही न बरतें मंडी सचिव: डब्बू
रुद्रपुर। उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड की बैठक में मंडी कर्मचारियों के हितों के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इन प्रस्तावों में मंडी कर्मियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, मंडी की आय को दोगुना करने और टैक्स वसूली को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने की सिफारिश शामिल है। सभी प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
मंगलवार को आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता मंडी परिषद के अध्यक्ष डॉ अनिल कपूर डब्बू ने की। बैठक में मंडी कर्मचारियों की सेवा शर्तों में सुधार हेतु कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें सबसे प्रमुख है कर्मचारियों को पेंशन सुविधा देने के लिए 50 करोड़ रुपये के रिवॉल्विंग फंड की स्थापना,
बैठक में मंडी की आय को दोगुना करने पर विशेष जोर दिया गया। मंडी सचिवों को निर्देश दिए गए कि वे टैक्स वसूली में लापरवाही न बरतें। अध्यक्ष डॉ. डब्बू ने चेतावनी दी कि यदि वसूली में कमी आई, तो यह कार्य निजी संस्थाओं को सौंपने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा।
मंडी परिषद में लंबे समय से रिक्त पड़े 50-60 पदों को भरने की मांग भी उठाई गई। प्रस्ताव रखा गया कि सरकार कोई एजेंसी तय करे या बोर्ड अपनी एजेंसी के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया संपन्न करे।
बैठक में कर्मचारियों की सुविधाओं में सुधार पर भी चर्चा हुई। पेंशन योजना का लाभ देने के लिए 50 करोड़ रुपये के रिवॉल्विंग फंड की व्यवस्था का प्रस्ताव पास किया गया।

सभी प्रस्तावों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। स्वीकृति मिलने पर ये निर्णय जल्द ही लागू किए जाएंगे, जिससे मंडी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा और राज्य की कृषि विपणन प्रणाली मजबूत होगी।
मंडी सचिवों को निर्देश दिए गए कि वे टैक्स वसूली में कोताही न बरतें। मंडी परिषद की आय बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए।





