

मनोज कुमार के निधन पर वरिष्ठ पत्रकार दीप भट्ट की यादें…
हल्द्वानी: बॉलीवुड के महान अभिनेता और फिल्म निर्माता मनोज कुमार का निधन हो गया है। 87 वर्ष की आयु में कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में उनका निधन हुआ। विशेष रूप से अपनी देशभक्ति फिल्मों के लिए प्रसिद्ध मनोज कुमार को लोग ‘भारत कुमार’ के नाम से भी जानते थे। उन्होंने अपनी फिल्मों के माध्यम से भारतीयों में देशभक्ति की भावना को जागृत किया और वे बॉलीवुड के पहले अभिनेता थे जिन्होंने देशभक्ति पर आधारित फिल्मों का निर्माण किया।
हल्द्वानी के वरिष्ठ पत्रकार दीप भट्ट ने मनोज कुमार के साथ अपनी यादों को ताजा करते हुए एक फेसबुक पोस्ट लिखी है। इस पोस्ट में श्री भट्ट ने अपने संबंधों और मुलाकातों का विस्तार से जिक्र किया है और बताया कि कैसे उन्हें यह दुःखद समाचार देर से मिला। उन्होंने यह भी बताया कि उनके नाती-नातिन के साथ रहने के कारण उन्हें यह खबर थोड़ी देर से मिली, लेकिन इस खबर ने उनका दिल गहरे दुख से भर दिया।
दीप भट्ट ने अपने पोस्ट में लिखा, मनोज कुमार साहब नहीं रहे, यह खबर मैं आज देर से बीबीसी पर देख पाया। उनका प्यार और उनके साथ बिताए गए पल मेरे लिए हमेशा यादगार रहेंगे। उनका एक गीत, ‘इस धरती पे मैंने जनम लिया ये सोच के मैं इतराता हूं’, हमेशा मेरे दिल में बसा रहेगा।
उन्होंने अपनी मुलाकात के बारे में विस्तार से बताते हुए लिखा कि कैसे शशि कपूर के मैनेजर बकुल रावल के जरिए उनकी पहली मुलाकात हुई। इसके बाद दोनों के बीच गहरी मित्रता का रिश्ता बन गया। दीप भट्ट ने मनोज कुमार के मानवीय पहलुओं को भी उजागर किया, जैसे कि एक बार जब वह अपने बाएं पैर के ऑपरेशन के लिए डॉक्टर के पास गए थे, तो मनोज कुमार ने उन्हें होम्योपैथी दवाइयों का विवरण भेजा और तीन दिन में उनकी सूजन समाप्त हो गई।
उनकी मुलाकातों के दौरान, मनोज कुमार ने न केवल फिल्मों के बारे में, बल्कि जीवन के अन्य पहलुओं पर भी गहरी बातें साझा की थीं। एक खास घटना का जिक्र करते हुए दीप भट्ट ने बताया कि एक दिन वे ऊर्जा निगम के दफ्तर में बैठे थे और अचानक उन्हें मनोज कुमार का फोन आया, जिसमें उन्होंने दीप से मुंबई में आम लाने का अनुरोध किया। दीप भट्ट ने इसकी पूरी जानकारी देते हुए बताया कि कैसे उन्होंने अपने घर से चौसा आम भेजा और मनोज कुमार को उनके जुहू स्थित घर पर वह भेजा।
दीप भट्ट ने मनोज कुमार के साथ बिताए गए समय को अनमोल बताते हुए कहा, मुंबई में देव साहब ( देव आनन्द) के बाद मनोज कुमार साहब से मेरा सबसे घनिष्ठ नाता था। उनके साथ बिताए हर पल मेरे लिए अनमोल थे। उन्होंने अपनी किताब ‘भारतीय सिनेमा फिल्मी हस्तियों से संवाद’ में मनोज कुमार की फिल्मों और उनके जीवन पर विस्तार से लिखा है।
आखिर में, दीप भट्ट ने मनोज कुमार को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, अलविदा मनोज कुमार साहब, अलविदा मेरे अज़ीज़ दोस्त।
इस पोस्ट के माध्यम से दीप भट्ट ने मनोज कुमार के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा और उनसे जुड़ी यादों को साझा किया और उन क्षणों को ताजगी से जीवित किया जो उनके साथ बिताए गए थे।