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हल्द्वानी। उत्तराखंड उपनल संयुक्त मोर्चे की बैठक में सर्वसम्मति से य़ह निर्णय कि सरकार 15 जनवरी तक
कर्मचारियों की मांगों को नहीं पूरा करेगी तो कर्मचारी आंदोलन की राह अपनाएंगे।
मोर्चे के प्रदेश उपाध्यक्ष पूरन भट्ट ने कहा कि सरकार ने माननीय सुप्रीम कोर्ट में य़ह कह रही है कि उपनल कर्मचारी पदों के सापेक्ष नही है, वही दूसरी तरफ अपने शासनादेश में विभागों को निर्देशित कर रही है कि जो पद के सापेक्ष नही है उन्हें नौकरी से हटा दिया जाय।
प्रदेश अध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सरकार ने उपनल कर्मचारियों का शोषण करने का मन बना लिया है। इस दौरान वाहन चालक संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि सरकार ने पिछले दो वर्षो से मानदेय में किसी भी प्रकार की कोई बढ़ोतरी नहीं की है, जिससे चलते कर्मचारियों में रोष पनप रहा है।
मुख्य संयोजक विनोद गोदियाल ने कहा कि यदि सरकार 15 जनवरी तक उपनल कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है तो समस्त जनपदों के उपनल कर्मचारी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
बैठक में सह संयोजक नरेश थपलियाल, प्रदेश महामंत्री प्रमोद गुसाई, नितिन कुमार कार्यकारी अध्यक्ष, विनय कुमार महामंत्री, विजयराम खनक्रियाल, महेश भट्ट, तेजा बिष्ट, विनोद बिष्ट, विवेक भट्ट श्रीमती मीना राठौर, श्रीमती बबली, श्रीमती कल्पना, श्रीमती स्नेहा आदि मौजूद रहे।

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