Advertisement
ख़बर शेयर करें -

फीस, किताबें और काउंसलिंग के नियमों की उड़ रही धज्जियां

हल्द्वानी में निजी विद्यालयों की कार्यप्रणाली शिक्षा विभाग के आदेशों को ठेंगा दिखा रही है। नए शिक्षा सत्र के पहले ही अभिभावकों और छात्रों के लिए कई परेशानियां खड़ी हो गई हैं

फीस और किताबों की जानकारी नहीं कर रहे सार्वजनिक

खंड शिक्षा अधिकारी हल्द्वानी ने 11 मार्च को आदेश जारी किया था कि सभी निजी स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर फीस संरचना और पठन सामग्री की जानकारी अपलोड करनी होगी। साथ ही, शिक्षण शुल्क में अत्यधिक वृद्धि न करने के निर्देश भी दिए गए थे।लेकिन इस आदेश के बावजूद, हल्द्वानी के अधिकांश निजी स्कूलों ने इसका पालन नहीं किया। 20 प्रमुख स्कूलों की जांच में पाया गया कि केवल 3 स्कूलों ने नए सत्र (2025-26) की जानकारी अपडेट की है, जबकि बाकी स्कूलों ने या तो पुरानी जानकारी अपलोड कर रखी है या कोई जानकारी उपलब्ध ही नहीं करवाई।

यह भी पढ़ें 👉  जागरूकता कार्यक्रम के साथ लगाया एनीमिया जांच शिविर

निगरानी का अभाव, कार्रवाई नहीं
शिक्षा विभाग के पास निजी स्कूलों की निगरानी के लिए कोई प्रभावी तंत्र नहीं है। विभाग द्वारा कई पत्र जारी किए जा चुके हैं, लेकिन स्कूलों की व्यवस्थाओं में कोई बदलाव नहीं हो रहा।

बच्चों की काउंसलिंग के नाम पर सिर्फ औपचारिकता

बढ़ती प्रतिस्पर्धा और पढ़ाई के दबाव के कारण छात्रों में मानसिक तनाव की समस्या गंभीर होती जा रही है। सीबीएसई ने सभी स्कूलों में काउंसलर और वेलनेस शिक्षक की नियुक्ति अनिवार्य की है, लेकिन हल्द्वानी के ज्यादातर स्कूलों में यह केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। अभिभावकों की शिकायत है कि स्कूलों में काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध तो है, लेकिन बच्चों को इसका कोई वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा।

यह भी पढ़ें 👉  ये हल्द्वानी की वर्कशाप लाईन है साहब: यहां शाम ढलते ही सज जाते है स्ट्रीट बार

नियमों का पालन नहीं किया तो होगी कार्रवाई

“नए शिक्षा सत्र के प्रारंभ होने से पहले स्कूलों के लिए आदेश जारी किए गए हैं। इनका कड़ाई से पालन करवाया जाएगा। स्कूलों के लिए कार्यशाला भी होगी। इसके बावजूद निर्देशों का पालन नहीं किया तो कार्रवाई होगी।”
– तारा सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी

अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस दिशा में क्या ठोस कदम उठाता है, या फिर यह आदेश भी केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।

Advertisement
Ad Ad Ad Ad Ad Ad

Comments