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पीड़ित परिवार ने की पुलिस से सुरक्षा की मांग

  • संजय रावत

हल्द्वानी: उत्तराखंड राज्य में जमीनी विवादों के मामले बढ़ते जा रहे हैं, और इन विवादों से जुड़े अपराधों का ग्राफ भी लगातार बढ़ता जा रहा है। एक ओर जहां यह समस्याएं पीड़ितों के जीवन को बर्बाद कर देती हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे मामलों में दबंगों के हौसले भी बुलंद होते जा रहे हैं। हल्द्वानी में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें जमीनी विवाद को लेकर दबंगों ने पुलिस की मौजूदगी में पीड़ित पक्ष को खुलेआम धमकाया।

हल्द्वानी के ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी के पास जमीनी विवाद के कारण दो गुटों के बीच भिड़ंत हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि दबंगों ने न सिर्फ पुलिस चौकी में, बल्कि तहसील और रजिस्ट्रार कार्यालय में भी पीड़ित परिवार को धमकाया। आरोप है कि इन दबंगों ने एक परिवार के आठ से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया और पुलिस से साठ-गांठ कर रजिस्ट्री कार्यालय में जबरन भूमि की रजिस्ट्री करवाने के पहुंच गए। पुलिस की मौजूदगी में पीड़ित परिवार को गाली-गलौच और मारपीट की धमकी भी दी गई।

इस पूरी घटना का वीडियो कुछ लोगों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे दबंग पीड़ित परिवार को रजिस्ट्रार कार्यालय में खींच रहे हैं। वीडियो में पुलिस को भी देखा जा सकता है, जो पीड़ितों को बयान दर्ज कराने के नाम पर चौकी ले जाने की बात कर रही है। इस वीडियो और वॉइस रिकॉर्डिंग के साथ पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की है और अपनी सुरक्षा की मांग की है।

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पीड़ित धर्मेन्द्र सिंह ने पुलिस को सौंपे गए शिकायत पत्र में बताया कि उनकी भूमि के सहखातेदार, गंगा सिंह खेतवाल, महिपाल डसीला और वीर सिंह उर्फ टोनी द्वारा उनकी भूमि की जबरन रजिस्ट्री कराने की कोशिश की जा रही है। धर्मेन्द्र सिंह का कहना है कि पहले 8 बीघा भूमि में से 5 बीघा भूमि का समझौता किया गया था, और बाकी भूमि की रजिस्ट्री को हल्द्वानी निवासी सरबप्रीत सिंह कोहली के नाम कराने की सहमति दी गई थी। लेकिन अब इन दबंगों द्वारा भूमि की रजिस्ट्री वीर सिंह उर्फ टोनी के नाम कराने का दबाव डाला जा रहा है।

पीड़ित धर्मेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि 29 जनवरी 2025 को उन्हें और उनके परिवार को जबरन बिना नम्बर की एक काले रंग की स्कॉर्पियो कार में डालकर उप निबंधक कार्यालय हल्द्वानी लाया गया। जहां पहले से ही पुलिस मौजूद थी, यहां बिना उनकी सहमति के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए। पीड़ितों की चीख पुकार सुन मौके पर मौजूद लोगों के हस्तक्षेप के चलते दबंग रजिस्ट्री प्रकिया को अंजाम नहीं दे सके।

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धर्मेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी और उनके परिवार की जान-माल की सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न किया जा रहा है, और उन्होंने पुलिस से अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।

धर्मेन्द्र सिंह ने पुलिस से यह भी मांग की है कि दबंगों के डर से उसने जिन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए है, उन दस्तावेजों को भी बरामद कराया जाए, ताकि उनका गलत उपयोग न हो सके। उन्होंने इस मामले में भूमि के नकल और दबंगों की सीसीटीवी फुटेज और मोबाईल फोन पर धमकाने वालीं वॉइस रिकॉर्डिंग कोतवाली हल्द्वानी और पुलिस के आला अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत की है।

पुलिस ने इस मामले में एपी सिटी के निर्देशों के बाद मुकदमा दर्ज किया है, और आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।

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